

नजीबाबाद ब्लॉक क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। सुल्ताना डाकू के ऐतिहासिक किले के पीछे स्थित क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं ने छह हरे-भरे आम के पेड़ों पर आरा चला दिया। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अधिकारियों को देखते ही माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर फरार हो गए।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे वन विभाग को सूचना मिली कि किले के पीछे बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। सूचना के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वन विभाग के पहुंचने से पहले ही पेड़ों को काटकर लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरने की तैयारी कर ली गई थी।
वन अधिकारियों की मौजूदगी देखते ही लकड़ी माफियाओं में अफरा-तफरी मच गई और वे लकड़ी से भरा ट्रॉला मौके पर छोड़कर फरार हो गए। वन विभाग ने कटे हुए पेड़ों की लकड़ी और अन्य सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर हरगोविंद ने बताया कि प्राथमिक जानकारी में खलील और समीर नामक व्यक्तियों की मौके पर मौजूदगी सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन रेंजर रामकुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल टीम भेजी गई थी। टीम को देखते ही आरोपी मौके से भाग निकले। उन्होंने कहा कि जब्त किए गए माल का परीक्षण कराया जा रहा है और लकड़ी माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













